सोमवार, 7 मार्च 2011

जब तलक रतजगा नहीं चलता : देवमणि पाण्डेय की ग़ज़ल


देवमणि पाण्डेय की  ग़ज़ल

जब तलक रतजगा नहीं चलता
इश्क़ क्या है पता नहीं चलता

ख़्वाब की रहगुज़र पे आ जाओ
प्यार में फ़ासला नहीं चलता

उस तरफ़ चल के तुम कभी देखो
जिस तरफ़ रास्ता नहीं चलता

कोई दुनिया है क्या कहीं ऐसी
जिसमें शिकवा-गिला नहीं चलता

दिल अदालत है इस अदालत में
वक़्त का फ़ैसला नहीं चलता

लोग चेहरे बदलते रहते हैं
कौन क्या है पता नहीं चलता

चित्र : कवि देवमणि पाण्डेय (माइक पर), शायर अब्दुल अहद साज़,
शायर ज़फ़र गोरखपुरी, शायर हैदर नजमी और शायर सईद राही

आपका-
देवमणिपांडेय 

सम्पर्क : बी-103, दिव्य स्तुति,
कन्या पाडा, गोकुलधाम, फिल्मसिटी रोड,
गोरेगांव पूर्व, मुम्बई-400063, 98210-82126

1 टिप्पणी:

नीरज गोस्वामी ने कहा…

बधाई बधाई बधाई बधाई....

नीरज